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Shudron Ki Khoj Who Were The Shudras (Hindi)

Shudron Ki Khoj Who Were The Shudras (Hindi)

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"शूद्रों की खोज" (Who Were The Shudras) भारतीय समाजशास्त्री और राजनीतिक नेता डॉ. भीमराव आम्बेडकर द्वारा लिखित एक प्रमुख कृति है। यह पुस्तक भारतीय समाज में शूद्र वर्ग की उत्पत्ति और उनके सामाजिक स्थान का विश्लेषण करती है। डॉ. आम्बेडकर ने इस पुस्तक में वेदिक युग के ग्रंथों और इतिहास के विभिन्न स्रोतों का अध्ययन करके यह दिखाया कि कैसे शूद्र वर्ग का निर्माण और विकास हुआ।

इस पुस्तक में, डॉ. आम्बेडकर ने तर्क दिया है कि शूद्र मूल रूप से वैदिक समाज का एक हिस्सा थे और उन्हें निम्न वर्ग में धकेला गया था जिसके कारण वे सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ गए। इस पुस्तक के माध्यम से, आम्बेडकर ने वर्ण व्यवस्था और जातिगत भेदभाव के इतिहास और उसके सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डाला।

"शूद्रों की खोज" भारतीय समाज के जटिल संरचनात्मक और इतिहासिक पहलुओं को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण पुस्तक मानी जाती है। यह पुस्तक न केवल इतिहास और समाजशास्त्र के विद्यार्थियों के लिए बल्कि उन सभी के लिए जरूरी है जो भारतीय समाज की गहराई से समझ और विश्लेषण करना चाहते हैं।

Author :- Dr B R Ambedkar

Pages :- 239

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